The ‘Great Raj-a-Sthan Show’

उड़ गया Pilot , उड़ गया ,रेतीसे, और रजवाडो से ,जगमगाती राहो पे से ,old – guard के परछाई से ,पारिवारिक भ्रष्टाचार से ..उड़ना जाने जो इसम ,धीरे चलना वह क्यों चाहे ..उड़ गया Pilot , उड़ गया ! उड़ गया Pilot , उड़ गया ,किनारो से (Goa) , पहाड़ी से (north-east)भिक मांगे मराठी सेContinue reading “The ‘Great Raj-a-Sthan Show’”

बक्षीजी की गर्जना!

जवान का खून हैअस्सी में भी जूनून है ,रणभूमि से कोसो दूरहर साथी के शहादत से ,वे आज भी लहू – लुहान है .. तू क्या सिखाएगा इन्हे युद्ध ,तू क्या सिखाएगा इन्हे युद्ध ,उतनी तेरी औकात नहीं है !

दोस्त , दोस्त न रहा !

मी पुन्हा येईन, मी पुन्हा येईन,मैंने था कहा ,दिल ने चाहा था , सरकार बनाना .. बेवफा निकली तू ,सिर्फ खेल है सारा,कहके गयी थी ,साथ है निभाना ,घर के झगड़े को बाहर निकाला, तब मैंने जाना ,धोखा हो गया ! दी थी पुकार ,साथ मे सब पाना , कुर्सी के वास्ते ,मुझे न पहचानाContinue reading “दोस्त , दोस्त न रहा !”

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