दिल की कौन सुनता है ?

दिल ने चाहा मगर ,दिल की कौन सुनता है ?कदम बढे रहाइश की औरदिल में बसी उमंग है ,इंतजार शुरू किया इफ्तिकार से ,पर इंतजार इम्तहान बन गया है … दिल ने चाहा मगर ,दिल की कौन सुनता है ?जिससे मोहब्बत की थी जनाब ,धुंदला उसका नफ़्स है ,आयने के परामर्श से शुरू किया प्यारContinue reading “दिल की कौन सुनता है ?”

Design a site like this with WordPress.com
Get started