शुक्रिया उसे भी…

शुक्रिया उसे भी ,जिसने दिल से हमे चाहा  ,चाहत के अरमान में घंटे बिताया ,बिताया जो वक्त हमसे चुराया ,चुराया था दिल ,दिल का पेशा बनाया ..शुक्रिया उसे भी ,आपने दिल से हमे चाहा … शुक्रिया उसे भी ,जिसने ‘यार’ हमे कहा ,कहे मीठे लब्ज़लब्ज़ो में हमको फसाया ,फ़साने वाला भी जब खुद ही फसContinue reading “शुक्रिया उसे भी…”

तू ठहर जा… 💔

तू ठहर जा ,कहा चला जा रहा है ? बंद दरवाजो की परछाई में ,बादलो का अंधकार है ,फटती हुई धरती में,तुफानो की तबाही है ,दिल छोटा ना कर ,खिलता आज भी कमल ,और पारिवारिक परिवार है , साथ जियेंगे , जीने के लिए ,जीना इसीका नाम हैतू ठहर जा ,इतने जल्दी कहा चला जाContinue reading “तू ठहर जा… 💔”

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