तू ठहर जा… 💔

तू ठहर जा ,कहा चला जा रहा है ? बंद दरवाजो की परछाई में ,बादलो का अंधकार है ,फटती हुई धरती में,तुफानो की तबाही है ,दिल छोटा ना कर ,खिलता आज भी कमल ,और पारिवारिक परिवार है , साथ जियेंगे , जीने के लिए ,जीना इसीका नाम हैतू ठहर जा ,इतने जल्दी कहा चला जाContinue reading “तू ठहर जा… 💔”

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